माँ शारदा माता: प्यारे भक्तों, जय माता दी! आज मैं आपको मैहर देवी के पावन धाम की यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देने वाला हूँ। माँ शारदा मंदिर मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह जगह उत्तर प्रदेश की सीमा के करीब, मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में स्थित है। मैहर त्रिकूट पर्वत की चोटी पर स्थित है, जहां मां शारदा (मैहर देवी) का प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है।
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मैहर कैसे जाये
मैहर रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों से पंहुचा जा सकता है। मैहर रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 4 किमी है। स्टेशन के बाहर ऑटो मिल जाएंगे, जिनमें ₹50 का चार्ज देकर आप आराम से मंदिर के पास पहुंच सकते हैं।
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मैहर माता की कहानी
मैहर में स्थित माँ शारदा का मंदिर 51 शक्ति पीठों मे से एक माना जाता है, मान्यता है कि जब भगवान शिव माँ सती के शव को लेकर तांडव कर रहे थे, तब माँ सती का हार (माला) यहां गिरा था। इस कारण यह स्थान शक्ति पीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ और यहाँ की देवी को “माँ शारदा” के नाम से जाना जाता है।
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मैहर नाम कैसा पड़ा
“मैहर” नाम का अर्थ होता है ” मैया का हार”, और इसी आधार पर इस मंदिर को ” मैहर देवी” या “माँ शारदा” का मंदिर कहा गया। “शारदा” का अर्थ होता है “ज्ञान और कला की देवी”, और यह नाम देवी सरस्वती की उपाधि के रूप में भी प्रचलित है।
मंदिर के पंडित बताते हैं कि आज भी मां शारदा का पहला श्रृंगार आल्हा और उदल ही करते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में मां शारदा मंदिर के पट खोलते समय विभिन्न रहस्यमय अजूबों का अनुभव होता है, जैसे मंदिर का गर्भगृह प्रकाश से भर जाता है या मंदिर में पुष्प चढ़े हुए दिखाई देते है, जो यह दर्शाता है कि आल्हा और उदल आज भी अदृश्य रूप में मंदिर में आते है और मां शारदा की पूजा करते है।
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मां शारदा के दर्शन
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प्रसाद: मंदिर के आसपास स्थित दुकानों से प्रसाद खरीदें।
पैदल चढ़ाई: 1063 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग: सड़क के माध्यम से 3-4 किमी चलकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
रोपवे: रोपवे का उपयोग करके आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
इस प्रकार मां शारदा मंदिर के पहुंचकर आप माता के दर्शन कर सकते हैं और फिर थोड़ी देर आंगन में बैठकर आप मंदिर के आसपास के अन्य जगहो पर घूमने के लिए जा सकते है।
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मां शारदा मंदिर के दर्शन के बाद आप इन प्रमुख स्थानों पर भी घूमने के लिए सकते है :
1. आल्हा और उदल का अखाड़ा: यहां पर आल्हा और उदल अभ्यास किया करते थे
2. आल्हा मंदिर और तालाब: यहां पर आल्हा जी का मंदिर और तालाब देखने को मिलता है।
3. मैहर देवी पार्क: यह पार्क बच्चों और परिवार के लिए एक अच्छा पिकनिक स्पॉट है।
4. बड़ा अखाड़ा मंदिर: यहां विशाल शिवलिंग और 108 छोटे शिवलिंग स्थापित हैं।
5. प्राचीन गोला मठ: शिव जी का प्राचीन मंदिर, जहां आप महादेव जी की पूजा कर सकते हैं।
6. बड़ी माई मंदिर: माता शारदा की बड़ी बहन को समर्पित मंदिर।
7. ओहिला माता मंदिर: माता रानी की विशाल प्रतिमा और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर।
8. इच्छापूर्ति मंदिर: शाम के समय यहां की खूबसूरत लाइटिंग भी देखने लायक होती है।
9. नीलकंठ मंदिर: मैहर मंदिर से 9 किमी दूर स्थित यह मंदिर भी दर्शनीय है।
इस प्रकार आप मां शारदा के दर्शन कर तथा एक दो दिन घूमकर वापस अपने घर आ सकते है।
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